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हमारे सार्वजनिक उपक्रम/संस्था के पड़ुआ बैल

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 एक दिन की परिचर्चा में एक सज्जन ने एक उदाहरण दिया। "एक किसान ने मेला से एक बाछा लाकर उसे पाला पोसा। बैल बनने पर वह बाछा पड़ुआ  निकल गया। उसके पास इतना संसाधन भी नहीं था जिससे कि वह उस पड़ुआ बैल के स्थान पर एक नया बैल खरीद सके। इससे वह किसान बहुत परेशान रहने लगा क्योंकि इससे उसकी खेती बाधित होने लगी। किसान का एक बैल पड़ुआ जरूर था लेकिन वह खाने-पीने में कभी भी पीछे नहीं रहता था। वह पड़ुआ बैल देखने में हट्टा कट्ठा था। किसान उसके कल्याण में कोई कमी नहीं रखता था। कुछ वर्ष बाद उसका एक बेटा जवान हो चला था। उसने अपने एक मित्र के पिता से निहोरा कर उनका एक बैल मांग कर लाया और अपनी खेती करने लगा। बदले में वह अपने मित्र के खेतों में मजदूरी भी कर देता। इससे दोनों परिवारों की समृद्धि बढ़ने लगी। यही स्थिति हमारी सरकारी कंपनियों की है।" सरकारी कंपनियों/संस्थाओं के कामगारों की तुलना उक्त पड़ुआ बैल से करने और उसके स्थान पर outsourced बैल से खेती कराये जाने पर परिचर्चा के एक दूसरे प्रतिभागी भड़क गये। तल्खी इतनी बढ़ी कि परिचर्चा को बंद करना पड़ा। अब बहुत से लोग उक्त तुलना को सही और सटीक बता रहे हैं। किस...

PSU के निर्माण/विनिवेश से भी राष्ट्रीय सम्पदा का सृजन हो सकता है.

    प्रथम, द्वितीय और तृतीय पञ्च वर्षीय योजनाओं में मिश्रित अर्थ-व्यवस्था पर काफी जोर दिया गया और सिर्फ यही व्यवस्था हमारे देश के अनुकूल बताया गया. यह भी बताया गया कि मिश्रित अर्थ-व्यवस्था ही हमारे देश को एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगा। इसी अवधारणा को साकार करते हुए बोकारो, चितरंजन, दुर्गापुर, हटिया, राउरकेला और भिलाई आदि स्थानों पर बड़े-बड़े केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम लगाये गये. इन्ही नीतियों का अनुसरण करते हुए राज्य सरकारों ने भी बहुत से सार्वजनिक उपक्रम लगाये। इन उपक्रमों के चालू हो जाने से प्रगति का एक नया युग का प्रारम्भ हुआ और बड़ी संख्या में प्रतिभावान लोगों को नौरकरी मिली तथा आगे भी विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ने की प्रेरणा मिली।     फिर पिछली शताब्दी के सत्तर के दशक के आसपास आया राष्ट्रीयकरण का एक युग. इस युग में निजी कोयला कम्पनियों, निजी बैंकों आदि का राष्ट्रीयकरण किया गया. इससे भी कई निजी कम्पनियाँ रातोंरात सरकारी कम्पनियों में बदलने लगीं। अब ये सभी कम्पनियाँ सरकारी उपक्रम कहलाने लगीं।     अस्सी के दशक में इ...