सरकारी अस्पताल की इलाज और राजनीति
एक नेताजी ने टिकट दिलाने की लॉबी करने वाले कुछ लोगों को प्रभावित कर विधायक का टिकट प्राप्त करने में सफलता प्राप्त कर ली लेकिन उनके लिये चुनाव जीतना काफी कठिन था. उनके लिये चुनाव जीतना इसलिये भी कठिन था क्योंकि उनके पार्टी के विपरीत चुनावी लहर चल रही थी. उनके पक्ष में एक बात बहुत मजबूत थी कि जिस नेता के पुत्र होने का दावा कर उन्होंने छल से ही टिकट प्राप्त किया था उनका इलाका में बहुत प्रभाव था. वो प्रभावशाली नेताजी अब वृद्ध हो गये थे और बीमार चल रहे थे. इन कारणों से उनकी राजनैतिक गतिविधि लगभग शून्य सी हो गयी थी. उस समय उस इलाके में संचार की व्यवस्था भी कमजोर थी. इसके अलावे विपरीत राजनैतिक लहर चलने के कारण उनके पार्टी के अन्दर कोई विशेष प्रतिस्पर्द्धा भी नहीं चल रही थी. विधायक के उम्मीदवार( अब आगे से नेताजी ) अपने चुनाव क्षेत्र में अपनी पार्टी के अपने क्षेत्र के उक्त बुजुर्ग नेता को हवाला देकर कई बड़े नेता की चुनावी रैली कराने में सफल रहे. नेताजी सभी रैलियों में मंच पर अपने बुजुर्ग नेता(अपने कथित पिता) का फोटो लगाना नहीं भूलते थे. चुनाव समाप्त हु...